Vendor Development Programs
Vendor Development Program (VDP) – विक्रेता विकास कार्यक्रम
Vendor Development Program का उद्देश्य MSMEs, स्टार्टअप और नए उद्यमियों को बड़े उद्योगों तथा सरकारी संस्थानों के लिए आपूर्तिकर्ता (Vendor/Supplier) बनने में सहायता करना है।
मुख्य उद्देश्य
MSMEs को सरकारी और निजी क्षेत्र के खरीदारों से जोड़ना।
नए विक्रेताओं को खरीद प्रक्रियाओं की जानकारी देना।
स्थानीय उत्पादों और "Make in India" को बढ़ावा देना।
छोटे उद्योगों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा करना।
कार्यक्रम में क्या होता है?
बड़े उद्योगों और सरकारी संस्थानों द्वारा अपनी खरीद (Procurement) आवश्यकताओं की जानकारी दी जाती है।
Vendor Registration की प्रक्रिया समझाई जाती है।
गुणवत्ता मानकों, परीक्षण और प्रमाणन (Certification) की जानकारी दी जाती है।
GeM (Government e-Marketplace) और ई-टेंडरिंग की जानकारी दी जाती है।
बैंक ऋण, MSME योजनाओं और सरकारी सहायता के बारे में जानकारी दी जाती है।
Buyer–Seller Meet आयोजित की जाती है, जहाँ उद्यमी सीधे खरीदारों से मिलते हैं।
लाभ
नए ग्राहकों और बड़े खरीदारों तक पहुँच।
सरकारी टेंडरों में भाग लेने के अवसर।
बिक्री और व्यवसाय का विस्तार।
बाज़ार की आवश्यकताओं को समझने का अवसर।
उद्योगों के साथ दीर्घकालिक व्यावसायिक संबंध विकसित करना।
Vendor Development Programs का आयोजन अक्सर Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises, National Small Industries Corporation, विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और उद्योग संघों द्वारा किया जाता है।

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